Tuesday, 13 February 2018

वात, पित्त के लक्षण तथा पहचान




वात, पित्त के लक्षण तथा पहचान
शारीरिक स्वरूप
वात के लक्षण तथा पहचान
पित्त के लक्षण तथा पहचान
कफ का लक्षण तथा पहचान
शारीरिक गठन

वात दोष के कारण शरीर रुखा, कटा-फटा सा, दुबला पतला हो जाता है और अंग सख्त हो जाते हैं।

पित्त दोष के कारण शरीर नाजुक तथा ठंडा हो जाता है तथा रोगी को गर्मी सहन नहीं होती है।

कफ दोष के कारण शरीर मोटा, चिकना, सुन्दर तथा सुडौल होता है तथा ठंड के मौसम में बहुत अधिक परेशानी होती है।
रंग

वात दोष के कारण शरीर का रंग काला पड़ जाता है।

पित्त दोष के कारण शरीर का रंग पीला पड़ जाता है।

कफ दोष के कारण शरीर का रंग गोरा हो जाता है।

पसीना

इस दोष के कारण शरीर से कम बिना गन्ध वाला पसीना निकलने लगता है।

पित्त दोष के कारण शरीर से अधिक गर्म दुर्गन्धयुक्त पसीना निकलने लगता है।

कफ दोष के कारण शरीर से सामान्य ठंडा पसीना निकलने लगता है।
त्वचा

वात दोष के कारण शरीर की त्वचा रूखी तथा ठंडी हो जाती है और रोगी व्यक्ति के होंठ तथा पैर फटने लग जाते हैं और नस उभरने लगती है।

पित्त दोष के कारण शरीर की त्वचा पीली, नर्म, फुन्सियों और तिलों से भरी हुई तथा हथेली जीभ, होंठ, कान आदि लाल हो जाते हैं।

कफ दोष के कारण शरीर की त्वचा चिकनी तथा नम हो जाती है।

आंखे

वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति की आंखे धूमिल, कालापन लिए तथा कोने से धंसी हुई होती है।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति की आंखे लाल और पीली पड़ जाती हैं।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति की आंखे सफेद तथा चिकनी पड़ जाती हैं।

बाल (सिर के बाल)

वात दोष के कारण रोगी के सिर के बाल रूखे, कड़े तथा छोटे और कम हो जाते हैं।

पित्त दोष के कारण रोगी के सिर के बाल कम उम्र में सफेद होने लगते हैं तथा झड़ने लगते हैं।

कफ दोष के कारण रोगी के सिर के बाल घने काले, चिकने तथा घुंघराले होते हैं।

मुंह

वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति का मुंह सूखता है।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति का गला सूखता है।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति के मुंह से बलगम अधिक आता है।


मुंह का स्वाद

वात दोष के कारण मुंह का स्वाद फीका या खराब लगने लगता है।

पित्त दोष के कारण मुंह का स्वाद कड़वा या खट्टा लगने लगता है।

कफ दोष के कारण मुंह का स्वाद मीठा-मीठा लगने लगता है तथा कभी-कभी मुंह से लार भी निकलने लगती है।
आवाज


वात दोष के कारण रोगी की आवाज भारी और घर्घराहट युक्त हो जाती है।
पित्त दोष के कारण रोगी की आवाज स्पष्ट तथा श्रेष्ठ रहती है।

कफ दोष के कारण रोगी की आवाज मीठा बोलने वाला होती है।
नाखून
वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति के नाखून रूखे तथा खुरदरे हो जाते हैं।
पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति के नाखून लाल रंग के हो जाते हैं।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति के नाखून चिकने हो जाते हैं।
मल




इस दोष के कारण रोगी व्यक्ति का मल सख्त टूटा हुआ और झाग युक्त होता है।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति का मल अधिक पतला, पीला, जलनयुक्त होता है तथा रोगी व्यक्ति को दस्त भी हो जाते हैं।
कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति का मल ठोस, चिकना तथा आंवयुक्त होता है।
मूत्र




वात दोष से पीड़ित रोगी के पेशाब का रंग पीला होता है।

पित्त दोष से पीड़ित रोगी के पेशाब का रंग अधिक पीला तथा नीला होता है और कभी-कभी लाल भी होता है।
कफ दोष से पीड़ित रोगी का पेशाब सफेद, झाग वाला तथा गाढ़ा और चिकना होता है।
भूख




वात दोष से पीड़ित रोगी को भूख कभी कम तथा कभी ज्यादा लगती है तथा रोगी की पाचन क्रिया कभी ठीक हो जाती है तो कभी उसे कब्ज होने लगता है।
पित्त दोष से पीड़ित रोगी को भूख अधिक लगती है तथा उसकी पाचनशक्ति अच्छी होती है।

कफ दोष से पीड़ित रोगी को भूख कम लगती है और थोड़ा सा भोजन करने के बाद भूख शांत हो जाती है।

प्यास


वात दोष से पीड़ित रोगी को प्यास कभी कम तथा कभी अधिक लगती है।
पित्त दोष से पीड़ित रोगी को प्यास अधिक लगती है।
कफ दोष से पीड़ित रोगी को प्यास कम लगती है।
जीभ




वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति की जीभ मैली, खुरदरी, सूखी तथा फटी हुई हो जाती है।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति की जीभ लाल एवं कुछ काली होती है तथा जीभ पर छाले पड़ जाते हैं।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति की जीभ सफेद रंग के लेप वाली, चिपचिपाहट युक्त तथा गीली एवं सफेद हो जाती है।

चाल

वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति की चाल तेज हो जाती है।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति की चाल साधारण रहती है।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति की चाल धीमी हो जाती है।
स्वप्न



वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति को ऐसे सपने आते हैं जैसे व्यक्ति आकाश में उड़ रहा हो।
पित्त दोष के कारण रोग व्यक्ति को अग्नि, बिजली, तारे, सूर्य, चन्द्रमा, सोना आदि चमकीले पदार्थों का सपना दिखता है।
कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति नदी, जलाशय, झील, तालाब तथा समुन्द्र आदि के सपने देखता है
नींद




वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति को बहुत कम नींद आती है तथा वह ज्यादा जम्भाइयां लेने लगता है और सोते समय वह दांत किटकिटाने लगता है।
पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति को बहुत कम नींद आती है।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति को नींद अधिक आती है तथा उसके शरीर में आलस भरा रहता है।

स्वभाव





वात दोष से पीड़ित रोगी में कई प्रकार के लक्षण होते हैं जैसे- क्रोध जल्दी आना, अस्थिर बुद्धि, डरपोक, चिन्तातुर, जल्दबाज, रूखा-रूखा, किसी भी काम को गंभीरता से नहीं लेना, उत्साही, गतिशील, विषय को जल्दी समझने वाला तथा जल्दी ही भूल जाने वाला आदि।

पित्त दोष से पीड़ित रोगी में कई प्रकार के लक्षण होते हैं- गर्म मिजाज वाला, क्रोध अधिक आना, जल्दी ही क्रोधित हो जाना, चिड़चिड़ापन, जल्दी खुशी महसूस होना, जल्दी ही निर्णय लेना, दोस्तों की मदद करने वाला लेकिन कम मित्रता करने वाला, बातचीत में निपुण, तेज स्मरण शक्ति वाला, किसी के आगे झुकने वाला, आविष्कारक तथा साहसी आदि।

कफ दोष से पीड़ित रोगी में कई प्रकार के लक्षण होते हैं जैसे- शांत स्वभाव वाला, धैर्यवान, विनम्र स्वभाव, सोच समझकर निर्णय लेने वाला, कष्ट और थकान सहन करने वाला, आलसी, रोमांटिक, भावुक, आसानी से झुकने वाला, सन्तोषी, अनुशासनप्रिय तथा दया भावना रखने वाला आदि।

नाड़ी



वात दोष से पीड़ित रोगी की नाड़ी टेड़ी-मेढ़ी चाल वाली, तेज और अनियमित होती है।
पित्त दोष से पीड़ित रोगी की नाड़ी कूदती हुई, उत्तेजित और भारी होती है।

कफ दोष से पीड़ित रोगी की नाड़ी मन्द-मन्द, कमजोर तथा कोमल होती है।
21. रुचि-अरुचि




वात दोष के कारण रोगी व्यक्ति को सर्दी तथा शीतल वस्तुएं अच्छी नहीं लगती है तथा उसे गर्म वस्तुओं के उपयोग करने की इच्छा होती है। मीठे, खट्टे तथा नमकीन पदार्थ अच्छे लगते हैं।

पित्त दोष के कारण रोगी व्यक्ति को गर्मी तथा गर्म चीजें अच्छी नहीं लगती है। उसे ठंडी वस्तुएं, बर्फ, चटपटे, कसैले, तथा मीठे पदार्थ अच्छे लगते है।

कफ दोष के कारण रोगी व्यक्ति को सर्दी बुरी लगती है तथा उसे सर्दी बहुत अधिक परेशान करती है। रोगी व्यक्ति को धूप और हवा अच्छी लगती है। गर्म भोजन तथा गर्म चिकने, कड़वे, चटपटे पदार्थों की इच्छा होती है।

Kalpant Healing Center
Dr J.P Verma (Swami Jagteswer Anand Ji)
(Md-Acu, BPT, C.Y.Ed, Reiki Grand Master, NDDY & Md Spiritual Healing)
Physiotherapy, Acupressure, Naturopathy, Yoga, Pranayam, Meditation, Reiki, Spiritual & Cosmic Healing, (Treatment & Training Center)
C53,  Sector 15 Vasundra, Avash Vikash Markit, Near Pani Ki Tanki,  Ghaziabad
Mob-: 9958502499 

No comments:

Post a Comment