रेंकी के
सिद्धांत
1 विस्वास -: विस्वास अर्थात मैं कर सकता हूँ, संदेंह कार्य में पर्वत के समान है ओर विश्वास पार करा देता हैं।2 इच्छा शक्ति -: रचनात्मक करने की शक्ति -: मैं ठीक कर सकता हूँ, मैं अपनी इच्छा पूरी कर सकता हूँ, अतः इच्छा शक्ति का त्याग कभी ना करें। प्रबल इच्छा ही सफलता की कुंजी हैं।
3 स्वास्थ -: में पूर्ण स्वस्थ हूँ, और दूसरों को स्वस्थ कर सकता हूँ, हमेशा याद रखें।
4 ज्ञान -: मैं अपने पूर्ण ज्ञान का प्रयोग करूंगा, और इसे नित्य बढ़ाता जाऊंगा।
5 बुद्धिमानी -: हमें हर कार्य को करने से पहले अच्छे से समझना है और तब निर्णय करना है कि क्या कब क्यों कैसे करेंगे।
6 निपुणता -: अपनी निपुणता पर मुझे पूरा भरोसा है।
7 उत्सव -: मेरा जीवन हर पल उत्सव हैं। यह उत्साह हमेंशा बनाए रखूंगा।
8 विवेक -: विवेक व साहस के साथ में हर कार्य को पूरा करुंगा
9 क्रम -: मैं सफल होने के लिए हर-पल सभी संभव कोशिश करुंगा।
10 दृढ़ता -: अपनी सोच में दृढ़ता व धैर्य बनाए रखूंगा।
11 आभार -: देने वाले का आभार हमेशा प्रकट करूगां।
12 धन्यवाद -: हमेशा सकारात्मक सोचूँगा। ईश्वर, परिवार, प्राकृति का धन्यवाद करूंगा।
13 अपने शत्रु -: में हमेशा अपने शत्रु अकर्मण्यता, लापरवाही, अहंकार, चिंता, क्रोध, ईर्ष्या, घृणा, जल्दबाजी, भय, लालच मोह, नकारात्मकता, तर्क आदि से दूर रहूँगा।
14 वर्तमान -: सदा वर्तमान में जियूंगा, अतीत की गलतियों को याद नहीं करुंगा।
15 स्वीकार -: अपने को जैसा भी हूँ वेसा स्वीकार करुंगा। और दूसरे से तुलना नहीं करुंगा तथा अपनी कल्पना शक्ति से सभी मनवांछित इच्छाएं पूरी करुंगा।
Kalpant Healing Center
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Ji)
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