Friday, 16 February 2018

शरीर के निरोग के होने के लक्षण

शरीर के निरोग के होने के लक्षण

शरीर के निरोग के होने के लक्षण -:प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का शरीर पूर्ण रूप से विकारों और विजातीय द्रव्यों से रहित होता है तो वह निरोगी होता है। स्वस्थ व्यक्ति का शरीर, मन और आत्मा तीनों ही स्वस्थ होते हैं तथा शरीर की समस्त इन्द्रियां और अंग सुचारु तरीके से अपना-अपना कार्य करते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति की आंखों में निर्मलता और शांति झलकती रहती है और उसकी मुखाकृति की रेखाओं में तोड़-मरोड़ नहीं होती। स्वस्थ शरीर में भोजन का पाचन आसानी से होता है जिससे मल आसानी से साफ होता है। प्रकृति के नियमों का पालन करने वाले गाय, बैल, भैंस आदि जब भी मल का त्याग करते हैं तो उनका गुदा धीरे-धीरे फैलता है और वे आसानी से मल का त्याग करते हैं, उसकी गुदा पर मल का कोई भी भाग चिपका नहीं रहता है। ठीक उसी प्रकार मनुष्य का मल और उसका त्याग भी इसी तरह से होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को मल त्यागने में काफी देर तक बैठना, जोर लगाना, मल का कठोर या पतला हो तो यह उसकी अस्वस्थता को प्रदर्शित करता है। निरोगता को पहचानने के लक्षण

1-      निरोगी व्यक्ति हमेशा ही प्रसन्न रहता है।
2-      हृदय स्वयं ही इस बात का सूचक होता है कि शरीर में किसी भी प्रकार का कोई रोग नहीं है और वह शतप्रतिशत निरोग है।
1-      सुबह के समय उठने पर शरीर में पर्याप्त स्फूर्ति, उत्साह और ताजगी होना भी शरीर की स्वस्थता को प्रदर्शित करता है।
2-      शरीर में किसी भी प्रकार के रोग के सम्बंध में कोई जानकारी अथवा वेदना का अनुभव नहीं होना चाहिए।
3-      वह व्यक्ति जो कार्य करते समय कार्य और विश्राम के समय विश्राम करता है उसका शरीर भी पूर्णरूप से स्वस्थ होता है।
4-      जो व्यक्ति सहनशील, कठिन से कठिन काम से न घबराने वाला, स्वतंत्र विचार रखने वाला, अध्यवसायी, दृढ़ प्रतिज्ञ, आत्मविश्वासी, हंसमुख, सुंदर, दयावान, आत्मोल्लास से परिपूर्ण, मेधावी, बलवान, दीर्घजीवी और विनयी होता है।
5-      वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों में पूर्ण रूप से स्वस्थ होता है।
6-      जिन लोगों की त्वचा मुलायम, चिकनी, लचीली, स्वच्छ और गर्म हो तथा खुजलाने से त्वचा में लकीरे न बनती हो, उन लोगों का स्वास्थ्य भी निरोग रहता है।
7-      रोमकूपों के स्थान सघन, सुंदर और मुलायम बालों से भरे हों तथा जिसके पसीने में किसी प्रकार की बदबू न आती हो।
8-       जाड़े, गर्मी तथा बरसात आदि सीजनों को सहने में सक्षम व्यक्ति भी पूर्ण रूप से स्वस्थ होता है।
9-       लोगों के मुखमंडल की त्वचा की और होठों पर आत्मविश्वास की झलक होना भी स्वस्थता की निशानी होती है।
10-   पूर्ण रूप से स्वस्थ व्यक्ति की आंखे चमकीली, स्वच्छ, नाक की ओर आंख के कोनों में कुछ लालिमा होती होती है तथा उसकी आंखे डबडबाई हुई और लाल नहीं होती हैं।
11-   स्वस्थ व्यक्ति की जीभ चिकनी, गुलाबी, समतल, स्वच्छ और शीतल होती है।
12-   स्वस्थ व्यक्ति के दांत स्वस्थ और मजबूत तथा मोती के समान साफ और चमकदार होते हैं।
13-   शरीर की नसों में उभार का न होना स्वास्थ्य का प्रतीक होता है।
14-   पूर्ण रूप से स्वस्थ व्यक्ति के मुंह का स्वाद अच्छा होता है तथा बार-बार थूकने और खंखारने की आदत नहीं होती है।
15-   स्वस्थ व्यक्ति के शरीर के सभी अंग अपना कार्य सुचारू रूप से करने वाले होते हैं तथा उसके नाखून गुलाबी रंग के पैरों के तलवों से मिलते-जुलते हैं।
16-   स्वस्थ व्यक्ति की गर्दन गोल और सीधी होती है वह न अधिक लम्बी और न ही एकदम घुसी हुई होती है।
17-   सोते समय मुंह का बंद होना और हृदय की धड़कन सामान्य तथा सांस का दुर्गंध रहित होना व्यक्ति के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने का लक्षण होता है।
18-   स्वस्थ व्यक्ति की नींद गहरी, लम्बी और बिना किसी स्वप्न के होती है।
19-   भोजन करने के बाद पेट में गुड़गुडाहट का न होना और पेट का भारी होकर आलस्य का अनुभव न होना और पाचनशक्ति का ठीक होना स्वस्थ होने के लक्षणों में आते हैं।
20-   शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति का पेशाब बिना किसी कष्ट के आसानी से होता है तथा हल्की गर्मी लिए हुए पीले रंग का गंधहीन पेशाब तेजी के साथ बाहर निकलता है।
21-   प्रतिदिन शौच का दो बार साफ होना और मल का गुदा द्वार पर न चिपकना स्वस्थ व्यक्ति की निशानी होता है तथा मल निर्गंध और न अधिक कठोर और न अधिक पतला होता हो।
22-   स्वस्थ व्यक्ति को न तो प्यास अधिक प्यास लगती है और न ही कम। शुद्ध और ताजे जल का सेवन करने से प्यास बुझ जाती है और शांति प्राप्ति होती है।
23-   प्राकर्तिक आहार फल, हरी सब्जी, सूखे मेवो आदि सप्राण भोजन में अभिरुचि हो।
24-   आहार विहार में उत्तेजना के वशीभूत न हो।
25-   सात्विक आहार व भोजन करने वाला हो।
26-   तन व मन से संयमित हो।
27-   प्रक्रति के नियमो को समझकर पालन करता हो। ईस्वर में विस्वास रखता हो व प्रतिदिन ध्यान करता हो।

Kalpant Healing Center
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