1-हमारा उद्देश्य
आज विश्व में एलोपेथिक इलाज की पद्धति, वैज्ञानिक अनुसंधान, निदान तकनीकी और औषधियों (अंग्रेजी) ने यूं तो मृत्यु पर विजय प्राप्त
करने का साहस जुटाया है, और आकस्मिक बीमारियों व दुर्घटनाओं
के आपातकालीन ईलाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को भी साबित किया है। बाल मृत्यु दर
को कम किया है। महिलाओं की प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु दर को भी घटाया है।
असाध्य और गंभीर रोंगों से शायद एलोपैथी मुक्ति तो नहीं दिला सकी परंतु उस पर
नियंत्रण अवश्य प्राप्त किया है। मनुष्य की औसत आयु को बढ़ाने में भी एलोपैथिक
औषधिय इलाज लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं, वही रोंगों को
दीर्घकालिक व आसाध्य बनाने में अपनी नकारात्मक भूमिका अदा करना भी शायद एलोपैथिक
चिकित्सक की अपनी मजबूरी है।
खानपान, जीवन शैली के असिमित बदलावों मैं आज मात्र भारतीय नागरिकों को ही नहीं वरन
संसार के संपूर्ण मानव जाति को तमाम ऐसे विभिन्न रोगों से ग्रस्त कर लिया है जिसका
निदान किसी भी पद्धति मैं नहीं है। जेसे (केंसर व एडस)। दुधारु पशुओं को दिए जाने
वाले हार्मोन, पशु चारे में उपलब्ध केमिकल, विषैले रसायन, फल, सब्जी व
अन्न में लगी खाद पेस्टिसाइड कीटनाशक, कीटाणुनाशक, फुई फफूंद नासक अपने विषैले साइड इफेक्ट मानव शरीर पर दिन-प्रतिदिन डाल
रहे हैं। यातायात के साधन, उच्च शिक्षा, पक्के बहु मंजिला मकान, दो पहिऐ व चार पहिया वाहन और
टेलीविजन से जुड़ी विलासिता ने भारतीय शहरी नागरिकों को दिनप्रतिदिन मानव श्रम से
दूर कर दिया है, जिससे शरीर के समस्त हड्डी के जोड़ व
मांसपेशियों के साथ तंत्रिका तंत्र भी शिथिल होता जा रहा है। जिसके कारण रक्त
परिसंचरण तंत्र, शवसन तंत्र, पाचन
तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, ज्ञान इन्द्विय
तंत्र, जननेद्विय तंत्र व चिंतन तंत्र को दूषित कर दिया है।
बाकी बचा हुआ नुकसान वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण ने शरीर में
विसंगतियो को उत्पन्न कर पूरे मानव शरीर के सिस्टम को अस्त-व्यस्त कर दिया है और
अधिकांश युवा अवस्था से ही किसी न किसी जटिल रोंग से (मधुमेह, ह्रदय, व सैक्स रोंग) जीवन यापन कर रहे हैं। प्राकृतिक
चिकित्सा पद्धति जो बिना रसायनिक औषधियों पर या यूँ कहे बिना औषधियों पर आधारित है,
उसका महत्ब दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसी उपयोगिता को ध्यान
में रखते हुए प्राकृतिक चिकित्सा का यह कोर्स तैयार किया गया है। इसको करके आप
स्वयं को व परिवार को स्वास्थ्य प्रदान कर सकते है।
Kalpant Healing Center
Dr J.P Verma (Swami Jagteswer
Anand Ji)
(Md-Acu, BPT, C.Y.Ed, Reiki Grand
Master, NDDY & Md Spiritual Healing)
Physiotherapy, Acupressure, Naturopathy, Yoga, Pranayam, Meditation, Reiki, Spiritual & Cosmic Healing, (Treatment & Training Center)
C53, Sector 15 Vasundra,
Avash Vikash Markit, Near Pani Ki Tanki,
Ghaziabad
Mob-: 9958502499
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